BREAKING NEWS
Aaj Tak LIVE TV: देश और मध्य प्रदेश की सभी बड़ी खबरें | National & State News Bansal News MP-CG Live: मध्य प्रदेश की सबसे सटीक और निष्पक्ष खबरें News18 MP Chhattisgarh Live: MP News Live | सीएम मोहन यादव के बड़े फैसले NDTV MP-CG Live: मध्य प्रदेश विशेष रिपोर्ट, विश्लेषण और दिनभर की खबरें IBC24 Live: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर 1 न्यूज चैनल | MP Breaking News Live Zee MP Chhattisgarh LIVE: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ की हर बड़ी खबर | 24x7 Live TV आज का मौसम 25 अगस्त: 8 घंटों के अंदर 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, 80 की रफ्तार से हवा; IMD अपडेट जीवाजी विश्वविद्यालय: बीए प्रथम वर्ष के परिणाम पर हंगामा, सात हजार छात्र-छात्राओं को सप्लीमेंट्री; प्रदर्शन रक्षाबंधन पर भीड़ से राहत: पश्चिम मध्य रेल की 8 स्पेशल ट्रेनें दौड़ेंगी, यात्रियों को मिलेगा अतिरिक्त विकल्प वन विभाग में 4506 कर्मचारियों की पदोन्नति, सीएम यादव बोले-खाली पदों पर नई भर्ती की तैयारी बीएमएचआरसी में रोबोटिक सर्जरी की दस्तक,मोबाइल सेंटर में सर्जनों ने लिया तकनीक का व्यावहारिक अनुभव 50,800 रुपए UPI से और 70 हजार की नकद रिश्वत ली, लोकायुक्त ने TI सहित 4 पर केस दर्ज किया इंदौर में हिन्दू युवती के साथ दो युवक मिले, करणी सेना की शिकायत पर गिरफ्तार, साथी भाग गया दंपतियों के लिए बड़ी राहत, संतान प्राप्ति से जुड़ी जांच, इलाज और आईवीएफ की सुविधा अब एम्स में MP: प्रेमिका के बच्चों की हत्या करने वाले ने भी दी जान, कुएं में मिला शव; हाथ पर गुदवाया था संगीता नाम का टैटू
--:--:--
Loading...
🌡️ --°C Getting weather...

Eye Breaking News

Header
collapse
...
Home / आस्था / दंपतियों के लिए बड़ी राहत, संतान प्राप्ति से जुड़ी जांच, इलाज और आईवीएफ की सुविधा अब एम्स में

दंपतियों के लिए बड़ी राहत, संतान प्राप्ति से जुड़ी जांच, इलाज और आईवीएफ की सुविधा अब एम्स में

Aug 24, 2026  Eye Breaking News  2 views
दंपतियों के लिए बड़ी राहत, संतान प्राप्ति से जुड़ी जांच, इलाज और आईवीएफ की सुविधा अब एम्स में

संतान प्राप्ति में परेशानी का सामना कर रहे दंपतियों के लिए एम्स भोपाल ने बड़ी सुविधा शुरू की है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में आईवीएफ एवं फर्टिलिटी सेंटर का सोमवार को शुभारंभ किया गया। यहां महिला और पुरुष दोनों में संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्याओं की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। केंद्र का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेन्द्र कोतवाल (सेवानिवृत्त) ने किया। इस दौरान अधिष्ठाता (शैक्षणिक) प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी, उप निदेशक (प्रशासन) संदेश जैन और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता सहित वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे। आईवीएफ से पहले समस्या की होगी जांच केंद्र में मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार तय किया जाएगा। महिलाओं में अंडाणु बनने और अंडोत्सर्जन की निगरानी अल्ट्रासाउंड और हार्मोन जांच के जरिए की जाएगी। जरूरत पड़ने पर दवाओं से अंडोत्सर्जन की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जाएगा। उपयुक्त मामलों में गर्भाशय के अंदर शुक्राणु पहुंचाने की प्रक्रिया की जाएगी। जिन मरीजों को अधिक उन्नत उपचार की जरूरत होगी, उनके लिए आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अंडाणु-शुक्राणु से लेकर भ्रूण तक की सुविधा आईवीएफ प्रक्रिया के तहत अंडाशय को दवाओं के जरिए तैयार करने, अंडाणु निकालने, प्रयोगशाला में अंडाणु और शुक्राणु का निषेचन कराने तथा भ्रूण तैयार करने की सुविधा होगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाएगा। विशेष मामलों में शुक्राणु को सीधे अंडाणु में पहुंचाने की उन्नत प्रक्रिया भी की जाएगी। भ्रूण को नियंत्रित वातावरण वाली प्रयोगशाला में विकसित करने के साथ आवश्यक जांच की जाएगी। भ्रूण, अंडाणु और शुक्राणु भी सुरक्षित रख सकेंगे चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार भ्रूण, अंडाणु और शुक्राणु के संरक्षण की सुविधा भी केंद्र में उपलब्ध होगी। पहले से संरक्षित भ्रूण को बाद में गर्भाशय में स्थानांतरित करने की सुविधा भी दी जाएगी। पुरुषों की जांच और उपचार भी होगा केंद्र में केवल महिलाओं का ही नहीं, बल्कि पुरुषों में संतान प्राप्ति से जुड़ी समस्याओं का भी मूल्यांकन और उपचार किया जाएगा। शुक्राणु की जांच, उसकी उपचार के लिए तैयारी और जरूरत के अनुसार अन्य विशेषज्ञों की मदद से उपचार की व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर एम्स भोपाल के अनुसार उपचार के दौरान मरीज की सुरक्षा, गोपनीयता और सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी। उपचार मरीज की व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार तय होगा और संबंधित नियमों, चिकित्सकीय मानकों तथा नैतिक सिद्धांतों का पालन किया जाएगा। यह भी पढ़ें-भोपाल का 90 डिग्री वाला विवादित ब्रिज: शुरू हुआ तो डेढ़ लाख लोगों का चक्कर बचेगा, रोज 3 लाख आवाजाही को राहत उपचार के साथ प्रशिक्षण और शोध को भी बढ़ावा एम्स भोपाल का यह केंद्र केवल उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए प्रजनन स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सकीय प्रशिक्षण, शोध और उपचार की गुणवत्ता को बढ़ावा देने की योजना है। केंद्र को भविष्य में सुरक्षित, वैज्ञानिक, नैतिक, किफायती और मरीज-केंद्रित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।


📍 स्थान: मध्य प्रदेश, भारत (Madhya Pradesh, India)

स्रोत (Source): Amar Ujala — MP


Share:

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy