
मध्य प्रदेश में मानसन एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को तेज बारिश हुई, जबकि कुछ जिलों में रुक-रुककर पानी गिरा। भोपाल में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। विदिशा में बारिश के बाद बाजारों में पानी भर गया, रायसेन और शाजापुर में भी तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका, चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। अगले 24 घंटे में पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। एक घंटे की बारिश ने बिगाड़ी भोपाल की ट्रैफिक व्यवस्था सोमवार दोपहर करीब एक घंटे की बारिश के बाद राजधानी में कई जगह पानी भर गया। इसका असर यातायात पर भी पड़ा। अप्सरा से प्रभात चौराहा, अशोका गार्डन और सुभाष नगर तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसमें स्कूल बसों के साथ एंबुलेंस भी फंस गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से लोग काफी देर तक परेशान रहे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यातायात का दबाव बढ़ने के बावजूद मौके पर पर्याप्त यातायात पुलिसकर्मी नजर नहीं आए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। लोगों ने प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। डिंडौरी-बालाघाट में 4 से 8 इंच तक बारिश का अनुमान अगले 24 घंटे में डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश के साथ 4 से 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इसके अलावा विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, रतलाम, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 24 घंटे में यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम संभाग में औसतन 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई। करैरा में 5.4 इंच, ओरछा में 3.3 इंच, रहली में 3 इंच बारिश हुई। भोपाल के कोलार क्षेत्र में 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच पानी बरसा। 27 अगस्त तक बारिश का दौर रहने के आसार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश मध्य प्रदेश में अब तक करीब 629.8 मिलीमीटर यानी 24.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 707.3 मिलीमीटर यानी 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में बारिश की कमी 8 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 14 प्रतिशत है। प्रदेश के 39 जिलों में बारिश सामान्य से 6 से 50 प्रतिशत तक कम है। वहीं 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं। यह भी पढ़ें-भोपाल का 90 डिग्री वाला विवादित ब्रिज: शुरू हुआ तो डेढ़ लाख लोगों का चक्कर बचेगा, रोज 3 लाख आवाजाही को राहत जून की कमी अब भी पूरी नहीं जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के कारण स्थिति में सुधार हुआ और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून के बीच दो बार बारिश में ब्रेक आने से भी कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।
📍 स्थान: मध्य प्रदेश, भारत (Madhya Pradesh, India)
स्रोत (Source): Amar Ujala — MP
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